बिलासपुर: बरसात का मौसम आते ही छत्तीसगढ़ के जंगलों से मिलने वाले पारंपरिक और मौसमी फलों की रौनक शहर के बाजारों में दिखाई देने लगती है. इन्हीं में से एक है कैथ, जो अपने खट्टे-मीठे स्वाद और आयुर्वेदिक गुणों के कारण लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है. इन दिनों बिलासपुर के देवकीनंदन चौक पर रतनपुर के जंगलों से लाया गया कैथ बिक रहा है. स्वाद के शौकीन लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर इसे खरीद रहे हैं. नमक-मिर्च के साथ खाने से लेकर इसकी चटनी तक लोगों को खूब पसंद आती है. विक्रेता का कहना है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक फल है, जो साल में केवल बरसात के मौसम में ही जंगलों में मिलता है.
रतनपुर के जंगलों से लाया जाता है कैथ
देवकीनंदन चौक पर कैथ बेच रहे विक्रेता पप्पू ठाकुर ने बताया कि यह फल रतनपुर क्षेत्र के जंगलों से लाया जाता है. इसकी खेती नहीं की जाती और न ही इसे बोया जाता है. यह प्राकृतिक रूप से जंगलों में उगता है और हर साल बरसात के मौसम में ही उपलब्ध होता है. सीमित समय के लिए बाजार में आने के कारण लोग इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं.
खट्टा-मीठा स्वाद लोगों को कर रहा आकर्षित
कैथ का स्वाद खट्टा-मीठा होता है, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आता है. कई लोग इसे नमक और लाल मिर्च के साथ खाते हैं, जबकि इसकी चटनी भी काफी स्वादिष्ट मानी जाती है. बरसात के मौसम में कैथ का स्वाद लेने के लिए लोग देवकीनंदन चौक पहुंच रहे हैं.
पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है कैथ
विक्रेता पप्पू ठाकुर का कहना है कि कैथ आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर फल है. इसे पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है और यह पेट को स्वस्थ रखने में मदद करता है. ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से लोग इसे स्वास्थ्यवर्धक फल के रूप में खाते आ रहे हैं. हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी किसी भी दावे के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहता है.
10 और 20 रुपये में मिल रहा कैथ
देवकीनंदन चौक पर कैथ दो आकार में उपलब्ध है. छोटा कैथ 10 रुपये और बड़ा 20 रुपये में बेचा जा रहा है. कम कीमत और बेहतरीन स्वाद के कारण इसकी अच्छी बिक्री हो रही है.
बरसात में लेना चाहते हैं पारंपरिक स्वाद, तो पहुंचिए देवकीनंदन चौक
अगर आप भी बरसात के मौसम में छत्तीसगढ़ के जंगलों से मिलने वाले पारंपरिक फलों का स्वाद लेना चाहते हैं, तो बिलासपुर के देवकीनंदन चौक पहुंच सकते हैं. यहां खट्टे-मीठे स्वाद वाला कैथ लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. स्वाद के साथ यह स्थानीय संस्कृति और जंगलों की प्राकृतिक सौगात का भी एहसास कराता है.