छत्तीसगढ़ में बैकलॉग भर्ती को लेकर अजाक्स ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, 2003 से लंबित पदों की पारदर्शी गणना और तत्काल पदोन्नति आदेश की मांग



बिलासपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के सीधी भर्ती के बैकलॉग पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान तेज करने के निर्देश जारी किए हैं. इस फैसले का स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति/जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) ने सरकार से 2003 से लंबित बैकलॉग पदों की नए सिरे से पारदर्शी गणना कराने, वास्तविक रिक्तियों का खुलासा करने और 2019 से लंबित पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े मामलों का समाधान कर तत्काल पदोन्नति आदेश जारी करने की मांग की है. संघ का कहना है कि वर्षों से लंबित बैकलॉग और पदोन्नति के कारण हजारों कर्मचारी प्रभावित हुए हैं तथा कई कर्मचारी बिना पदोन्नति पाए ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं.

सरकार ने शुरू किया विशेष भर्ती अभियान

सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए सीधी भर्ती के तहत रिक्त बैकलॉग पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने के आदेश दिए हैं. उप सचिव एस.के. सिंह द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी आरक्षित बैकलॉग पदों पर नियुक्तियां नहीं हो जातीं.

लापरवाही पर अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी विभाग में बैकलॉग भर्ती की प्रक्रिया में शिथिलता या अनावश्यक देरी होती है, तो उसके लिए संबंधित विभाग प्रमुख और नियुक्ति करने वाले सक्षम अधिकारी जिम्मेदार होंगे. ऐसे मामलों में अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) में भी इसका उल्लेख किया जाएगा.

अजाक्स ने किया फैसले का स्वागत

छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति/जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण कुमार भारती और संगठन सचिव जितेंद्र पाटले ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को पत्र भेजकर सरकार के फैसले का स्वागत किया है. साथ ही उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं.

2003 से बैकलॉग पदों की नए सिरे से गणना की मांग

अजाक्स का कहना है कि राज्य गठन के बाद, विशेषकर वर्ष 2003 से अब तक कई विभागों में बैकलॉग पदों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है. पर्याप्त और अद्यतन गणना नहीं होने के कारण वास्तविक रिक्तियों की जानकारी सामने नहीं आ सकी है. इसलिए संघ ने सभी विभागों और संवर्गों के बैकलॉग पदों की नए सिरे से विस्तृत एवं पारदर्शी गणना कराने की मांग की है.

संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा पर जोर

संघ का कहना है कि बैकलॉग पदों की सही गणना होने से पात्र अभ्यर्थियों को उनके संवैधानिक अधिकार मिल सकेंगे और आरक्षित वर्ग के योग्य उम्मीदवार किसी भी अवसर से वंचित नहीं होंगे. अजाक्स ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की भी मांग की है.

पदोन्नति में आरक्षण पर तत्काल फैसला लेने की मांग 

अजाक्स ने वर्ष 2019 से लंबित पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान कर पदोन्नति आदेश जारी करने की मांग की है. संघ के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया रुकी रहने से हजारों कर्मचारी प्रभावित हुए हैं और अनेक कर्मचारी बिना पदोन्नति प्राप्त किए ही सेवानिवृत्त हो गए.

सरकार के फैसले से बढ़ी उम्मीदें

सरकार द्वारा विशेष भर्ती अभियान को प्राथमिकता देने के फैसले को आरक्षित वर्ग के युवाओं और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन बैकलॉग पदों की पारदर्शी गणना, भर्ती प्रक्रिया और लंबित पदोन्नति के मामलों में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है.

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