बिलासपुर में 6वीं राज्य स्तरीय थांग-टा चैंपियनशिप का समापन, खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, विजेताओं को पदकों से किया सम्मानित


बिलासपुर: जिले में आयोजित दो दिवसीय 6वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय थांग-टा चैंपियनशिप का सफलतापूर्वक समापन हो गया. प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. दो दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अपनी तकनीकी दक्षता, अनुशासन, आत्मविश्वास और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया. आयोजकों ने इस आयोजन को थांग-टा जैसे पारंपरिक भारतीय मार्शल आर्ट के प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
प्रदेशभर के खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा

दो दिवसीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों ने अलग-अलग भार वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में हुए मुकाबले बेहद रोमांचक रहे. खिलाड़ियों ने शानदार तकनीक, फुर्ती और आत्मविश्वास के साथ मुकाबले जीतने का प्रयास किया, जिससे दर्शकों को रोमांचक प्रतियोगिता देखने का अवसर मिला.

कड़े मुकाबलों के बाद चुने गए विजेता

चैंपियनशिप के दौरान कई मुकाबले बेहद कांटे के रहे. निर्णायक मंडल ने निर्धारित नियमों के तहत खिलाड़ियों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन किया. शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक देकर सम्मानित किया गया. विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजकों ने उनके बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दीं.

थांग-टा को बढ़ावा देने पर दिया गया जोर

समापन समारोह में आयोजकों ने कहा कि थांग-टा भारत की पारंपरिक मार्शल आर्ट विधाओं में से एक है, जिसे बढ़ावा देने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताएं लगातार आयोजित की जा रही हैं. उन्होंने खिलाड़ियों से नियमित अभ्यास करने और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार रहने का आह्वान किया.

राष्ट्रीय स्तर की तैयारी का मिला मंच

आयोजकों के अनुसार, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है. प्रदेश के विभिन्न जिलों से खिलाड़ियों की बड़ी भागीदारी और उनके शानदार प्रदर्शन ने यह साबित किया कि छत्तीसगढ़ में थांग-टा खेल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और युवा इस खेल में अपना भविष्य बनाने के लिए उत्साह के साथ आगे आ रहे हैं.

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